Discover the books written by Mathura Kalauny.
By Mathura Kalauny
जब ध्रुव का बिछड़ा दोस्त महेश उससे मिलने आता है तो उसे क्या मालूम था कि उसके साथ कुछ ऐसा घटेगा जिसकी कल्पना वह इस जन्म में तो क्या किसी जन्म में भी नहीं कर सकता था। वह अपने को एक ऐसे नये परिवेश में पाता है जहाँ उसे अपने ही घर के बारे में कुछ मालूम नहीं रहता है।
By Mathura Kalauny
एक शाम प्रेमचंद के नाम, प्रेमचंद के जीवन की दिशा निर्धारित करने वाली घटनाओं और उनकी कुछ कालजयी कहानियों का नाट्यरूपांतरण है। इसमें कुछ नये प्रयोग किये गये हैं। कहानियों में वर्णनात्मक विवरण से अधिक दृश्यों को महत्व दिया गया है। प्रेमचंद की जीवनी को..
By Mathura Kalauny
Dhature Ke Beej is a story of a young girl who dared to escape her circumstances, and became an eternal traveler. In one of her journeys, she meets a very unhappy woman for who leads a depressing life. They share their experiences with each other,
By Mathura Kalauny
यह हास्य और रोमांच के दो लघु उपन्यासों का संकलन है। चंद्रभवन तृप्तिभवन दो मित्रों की आपस में गुत्थमगुत्था उलझी हुई प्रेम कहानियों की हास्य रस से भरपूर दास्तान है। केशव और दीपा का प्रेम इसलिए आगे नहीं बढ़ पा रहा है कि केशव सर्वथा धनहीन है। उसके धनवान होने की चाभी उसके मित्र माधव...
By Mathura Kalauny
सींग कटा कर नाटक मंडली के बछड़ों में शामिल हुए थे परमानंद काका, पर ऐन मौके पर बीमार पड़ गये और आवाज तक बैठ गयी। ऐसे में रुकुमा का प्रवेश होता है। रुकुमा का कहॉं तो एकदम व्यवस्थित धरेलू जीवन था। शादी पहले से ही तय थी। और यहाँ नाटक मंडली में स्टेज में लड़की का भेष धारे गजेन्द्र...
By Mathura Kalauny
नाटककार मथुरा कलौनी की कलम से जीवन की भिन्न दशाओं एवं परिस्थितियों में फँसे मनुष्यों पर चार सशक्त लघु नाटकों का कोलाज है दशा। लंगड़ - श्रीलाल शुक्ल के कालजयी उपन्यास रागदरबारी का पात्र लंगड़ एक ऐसे धर्म की लड़ाई में फँसा है जहाँ व्यवस्था में व्याप्त भ्रष्टाचार के...
By Mathura Kalauny
अशोक अवंती में ही रम गया था। यौवन की देहली थी और महादेवी का सान्निध्य। पर मौर्य साम्राज्य को सिंहासन का उत्तराधिकारी चाहिए था। महादेवी ने अनिच्छुक अशोक को पाटलीपुत्र जाने के लिए बाध्य किया। स्वयं महेन्द्र और संघमित्रा के साथ अवंती में ही रह गयी। उसने अशोक से कहा था...
By Mathura Kalauny
मानव विश्वमित्र एक ढीला-सा, ढाला-सा व्यक्ति है। बुद्धि शायद है पर इस्तमोल करने का कष्ट अब कौन उठाये। वैसे ही वह अपने मित्रों से बहुत परेशान है, ऊपर से रघुवर नाथ और उसकी रूपगर्विता पत्नी प्रेमा उसके घर में मेहमान हैं। उसके बचपन का मित्र गोविंद शर्मा एक...
By Mathura Kalauny
मनुष्य के जीवन में कुछ अनुभव ऐसे होते हैं जो शब्दों में पूरी तरह व्यक्त नहीं हो पाते—वे स्मृतियों, मौन और भीतर चल रहे संघर्षों में जीवित रहते हैं। प्रस्तुत नाटक-संग्रह में संकलित तीन नाटक—“मैं… अनामिका”, “सम्मान” और “जनकसुता उर्मिला”—उन्हीं अनकही संवेदनाओं को स्वर देते हैं।...
By Mathura Kalauny
कब तक रहें कुँवारे ऐसे युवक-युवतियों की कहानी है जिनकी किसी कारणवश यथासमय शादी नहीं हो पाती है। एकाकी जीवन बिताने के लिए बाध्य ऐसे युवक ब्रह्मचर्य का पालन करते हैं इसलिए ब्रह्मचारी कहलाते हैं, जब तक कि शादी नहीं हो जाती है।...
Readers reviews
is self explanatory – 5/5